संगठन से बड़ा कोई नहीं संगठित होना हमारी मजबूरी: श्रीनाथ त्रिपाठी

संगठन से बड़ा कोई नहीं संगठित होना हमारी मजबूरी: श्रीनाथ त्रिपाठी

अशोक कुमार यादव को बार एसोसिएशन का शपथ कराकर इलाहाबाद से आए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी ने असमंजस की स्थिति को समाप्त किया।

संगठन से बड़ा कोई नहीं संगठित होना हमारी मजबूरी: श्रीनाथ त्रिपाठी

  • अशोक कुमार यादव के शपथ ग्रहण के बाद विवाद हुआ समाप्त 

चंदौली। सकलडीहा बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर दो भाग में बटे अधिवक्ताओं ने एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए संगठन में निर्विरोध चुनाव करके समस्या पैदा कर दी थी। आज उसी क्रम में अशोक कुमार यादव को बार एसोसिएशन का शपथ करा कर इलाहाबाद से आए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी ने असमंजस की स्थिति को समाप्त किया।

डैमेज कंट्रोल की स्थिति को संभालने के लिए बार काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी जी ने बड़ा ही मार्मिक तरीके से अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन से ही हमारी पहचान है संगठित रहने से हम किसी भी स्थिति को बचा सकते हैं.


संगठन से बड़ा कोई नहीं संगठित होना हमारी मजबूरी: श्रीनाथ त्रिपाठी
 
संगठन नहीं तो कुछ भी नहीं हम समझते हैं थोड़ी गलती हुई है सकलडीहा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियो से लेकिन ऐसी स्थिति में हमें सोचने पर मजबूर कर दिया गया और एक साहसिक निर्णय देना पड़ा हमें आशा ही नहीं विश्वास है कि सकलडीहा बार एसोसिएशन के विघटित हुए धड़ों में बुद्धिमता उत्पन्न होगी और पुनः संगठन में आकर संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।हां जो भी समस्याएं हैं, वह हमसे कह सकते हैं और उसको तत्काल समाधान किया जा सकता है। 

संगठन से बड़ा कोई नहीं संगठित होना हमारी मजबूरी: श्रीनाथ त्रिपाठी

सकलडीहा बार एसोसिएशन के नए अधिवक्ताओं को आपके बारे में गलत संदेश ना जाए इसके लिए आपको उच्चतम सोच रखने की जरूरत है। अशोक कुमार यादव के साथ कमेटी के पुरे सदस्यों ने शपथ ग्रहण किया।