सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अरविंद राजभर सोमवार को गाजीपुर जनपद के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल सिद्धपीठ हथियाराम मठ पहुंचे।
वाराणसी/गाजीपुर (पूर्वांचल न्यूज प्रिंट)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अरविंद राजभर सोमवार को गाजीपुर जनपद के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल सिद्धपीठ हथियाराम मठ पहुंचे। यहां उन्होंने सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर और देश के प्रतिष्ठित संत, महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज के दर्शन कर उनका दिव्य एवं अलौकिक आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान अरविंद राजभर ने देश और विशेषकर उत्तर प्रदेश की जनता की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उनके साथ संतों की टोली और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
संतों का मिला सानिध्य: रसड़ा नाथजी मठ के पीठाधीश्वर भी रहे मौजूद
सिद्धपीठ हथियाराम मठ में आयोजित इस आध्यात्मिक मिलन के दौरान अरविंद राजभर को कई प्रख्यात संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर विशेष रूप से:
पूज्य श्री कौशलेंद्र गिरी जी महाराज: बलिया जनपद के विधानसभा रसड़ा स्थित सुप्रसिद्ध श्री नाथजी मठ के पीठाधीश्वर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
श्री शक्ति सिंह: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी इस धार्मिक दौरे पर पूर्व मंत्री के साथ मौजूद रहे और उन्होंने भी संतों का आशीर्वाद लिया।
सभी अतिथियों ने सिद्धपीठ परिसर में स्थापित मां बुढ़िया माई के दर्शन-पूजन किए। मान्यता है कि मां बुढ़िया माई के दरबार में आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है।
"प्रदेश में बनी रहे खुशहाली" — अरविंद राजभर
महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज से आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया और समर्थकों से मुखातिब होते हुए पूर्व मंत्री अरविंद राजभर ने कहा:
"सिद्धपीठ हथियाराम मठ का इतिहास सदियों पुराना और चमत्कारी है। आज महाराज श्री के दर्शन कर मन को असीम शांति मिली है। मां बुढ़िया माई और इस पवित्र सिद्धपीठ की कृपा से हमारे पूरे उत्तर प्रदेश के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आपसी भाईचारा और खुशहाली बनी रहे, यही मेरी मंगलकामना है।"
सिद्धपीठ हथियाराम मठ का ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व
गाजीपुर का हथियाराम मठ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह पूर्वांचल की सनातनी परंपरा और सामाजिक समरसता का एक बड़ा केंद्र है।
पीठाधीश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज के नेतृत्व में यह मठ लगातार शिक्षा, समाज सेवा और लोक-कल्याण के कार्यों में सक्रिय रहता है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इस सिद्धपीठ का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। पूर्वांचल के बड़े-बड़े राजनेता चुनाव से पहले या बड़े राजनीतिक फैसलों के बाद इस पीठ पर माथा टेकने और महाराज जी का आशीर्वाद लेने आते रहे हैं।
अरविंद राजभर के इस दौरे को भी राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सामाजिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो क्षेत्र के लोगों और सनातनी समाज के बीच एक सकारात्मक संदेश लेकर जाएगा।


