महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता सम्राट अक्षय पाल ने स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार एवं प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट / चन्दौली । महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता सम्राट अक्षय पाल ने स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार एवं प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की आवश्यकताओं की अनदेखी कर बैनरों और प्रचार-प्रसार पर फिजूलखर्ची करना उचित नहीं है।
सम्राट अक्षय पाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में आज भी कई जगह भवन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, पुस्तकालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की आवश्यकता है। ऐसे में प्राथमिकता विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की होनी चाहिए, न कि अनावश्यक प्रचार पर धन खर्च करने की।
उन्होंने कहा, “बैनरों पर फिजूलखर्ची क्यों, स्कूलों पर खर्च क्यों नहीं? सरकार को बताना चाहिए कि विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए पर्याप्त बजट और संसाधन क्यों नहीं उपलब्ध कराए जा रहे हैं।”
छात्र नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गया तो उनके द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से एक बहुत बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराकर आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं।
सम्राट अक्षय पाल ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार के प्रचार से अधिक महत्वपूर्ण है और शिक्षा के बजट का उपयोग सीधे विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की आवश्यकताओं को पूरा करने में होना चाहिए।
