कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) नियामताबाद में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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| कस्तूरबा विद्यालय की बालिकाओं की हुई विस्तृत स्वास्थ्य जांच |
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नियामताबाद में छात्राओं का हुआ चेकअप
- जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग बोले- स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ कोई समझौता नहीं
- छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए स्वस्थ वातावरण अति आवश्यक -सचिन कुमार
पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट / चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के कुशल निर्देशन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार के नेतृत्व में जनपद चंदौली के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) नियामताबाद में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप आयोजित इस प्रशासनिक पहल का मुख्य उद्देश्य आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य, पोषण स्तर और व्यक्तिगत स्वच्छता को सुनिश्चित करना है।
मेडिकल टीम द्वारा विद्यालय की समस्त छात्राओं का हीमोग्लोबिन स्तर, बीएमआई (BMI), दृष्टि परीक्षण (आई टेस्ट) और सामान्य शारीरिक जांच की गई। जांच के उपरांत जिन बालिकाओं में एनीमिया (रक्त की कमी) या अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण पाए गए, उन्हें आवश्यक दवाएं, आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियां और मल्टीविटामिन सिरप नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए।
विगत दिनों जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिये है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को परस्पर समन्वय बनाकर जनपद के सभी कस्तूरबा विद्यालयों में भी रोस्टर आधारित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के आदेश दिए है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने कहा जनपद के सभी विद्यालय प्रशासन और वार्डन को स्वच्छता एवं खान-पान के मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गये है। उन्होंने कहा कि छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए स्वस्थ वातावरण अति आवश्यक है।
जांच के साथ-साथ चिकित्सा अधिकारियों द्वारा बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, हैंडवॉश तकनीक और किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के प्रति जागरूक किया गया। छात्राओं को संतुलित आहार, हरी सब्जियों के सेवन और पर्याप्त पानी पीने के लाभ बताए गए।
प्रशासन की इस समयबद्ध और संवेदनशील पहल की स्थानीय अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा काफी सराहना की जा रही है। जिला प्रशासन का यह कदम न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य सुधार में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि उनके शैक्षिक प्रदर्शन और आत्मविश्वास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

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