एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए बड़ी खबर। पेंशन फंड नियामक PFRDA अब नेशनल पेंशन सिस्टम के साथ हेल्थ इंश्योरेंस जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है।
अब आपको पेंशन के साथ 'हेल्थ इंश्योरेंस' भी मिलेगा
खास बातें :-
- नेशनल पेंशन प्लान (NPS) में जल्द ही हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे जोड़े जाएंगे।
- रिटायरमेंट के बाद हेल्थ और फाइनेंशियल सिक्योरिटी।
- गंभीर बीमारी होने पर 25% फंड निकालने की सुविधा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: नेशनल पेंशन प्लान (NPS) हमेशा से कर्मचारियों के लिए अपने बुढ़ापे को फाइनेंशियली सुरक्षित करने का एक टॉप ऑप्शन रहा है। हालांकि, अब यह स्कीम सिर्फ रिटायरमेंट के बाद पेंशन देने तक ही सीमित नहीं है। NPS इन्वेस्टर्स को जल्द ही बड़े फायदे मिल सकते हैं, जिससे उनका बुढ़ापा न सिर्फ फाइनेंशियली बल्कि हेल्थ के नजरिए से भी सुरक्षित होगा।
NPS में हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे जोड़े जाएंगे
हाल की जानकारी के मुताबिक, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) NPS को और आकर्षक बनाने के लिए इसमें बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इस प्लान में NPS सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन के अलावा हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज देने का प्लान है।
अक्सर देखा जाता है कि रिटायरमेंट के बाद सीनियर सिटिज़न का सबसे बड़ा खर्च दवाइयों और हॉस्पिटल के बिल पर होता है। अगर हेल्थ इंश्योरेंस को NPS से लिंक किया जाता है, तो इन्वेस्टर्स को रिटायरमेंट के बाद के मेडिकल खर्चों के लिए अपने पेंशन फंड से पैसे नहीं निकालने पड़ेंगे।
क्या खास है?
NPS हेल्थ स्कीम, जो पेंशन के साथ हेल्थ कवरेज भी देती है, अक्टूबर में लॉन्च होने वाली है। यह रेगुलर NPS अकाउंट से अलग होगी। हेल्थ इंश्योरेंस ज़रूरी होगा, और अकाउंट होल्डर ज़रूरत पड़ने पर मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अपने कंट्रीब्यूशन का 25% तक निकाल सकते हैं।
स्कीम को दो हिस्सों में बांटा जाएगा
स्कीम की सबसे ज़रूरी बात यह है कि इन्वेस्टमेंट अकाउंट और हेल्थ इंश्योरेंस अकाउंट अलग-अलग हिस्से होंगे। हेल्थ इंश्योरेंस सुपर टॉप-अप के रूप में होगा। स्कीम में कैशलेस ट्रीटमेंट देने का भी प्लान है। इंश्योरेंस कवरेज ₹30 लाख तक हो सकता है, हालांकि असली कवरेज चुने गए प्लान और उसकी शर्तों पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, जिनके पास पहले से रेगुलर NPS अकाउंट हैं, वे अपना पुराना अकाउंट बंद किए बिना एक अलग NPS हेल्थ अकाउंट खोल सकते हैं।
पहले से मौजूद अकाउंट होल्डर्स को क्या करना होगा?
अगर आप पहले से ही रेगुलर NPS इन्वेस्टर हैं और नया NPS हेल्थ अकाउंट खोलना चाहते हैं, तो नया अकाउंट खोलने के लिए आपको अपना मौजूदा रेगुलर NPS अकाउंट बंद करने की ज़रूरत नहीं है। आप बस अपने पुराने NPS अकाउंट से नए हेल्थ अकाउंट में कुछ रकम ट्रांसफर कर सकते हैं। यह ट्रांसफर की गई रकम आपके चुने हुए हेल्थ प्रोटेक्शन प्लान के शुरुआती खर्च को कवर करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह रकम आपकी पॉलिसी की शर्तों के आधार पर ₹10,000, ₹50,000, ₹1 लाख, या ₹3 लाख हो सकती है।
आप किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में 25% निकाल सकते हैं।
NPS इन्वेस्टर्स के पास पहले से ही एक कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल इमरजेंसी पॉलिसी होती है। अकाउंट होल्डर आउटपेशेंट और इनपेशेंट केयर से जुड़े पहले से तय खर्चों के लिए अपने NPS हेल्थ अकाउंट से 25% तक निकाल सकते हैं। खास बात यह है कि निकालने की रकम की कोई लिमिट नहीं है। इसके अलावा, अगर किसी बीमारी या हॉस्पिटल में भर्ती होने का खर्च इतना ज़्यादा हो जाता है कि 25% निकालना काफी नहीं है, तो कुछ खास हालात में, अकाउंट में मौजूद पूरे NPS हेल्थ बैलेंस का इस्तेमाल हॉस्पिटल के खर्चों को कवर करने के लिए किया जा सकता है।
कैशलेस इलाज का इंतज़ाम
इस प्लान की सबसे खास बात यह है कि इसमें इलाज के पेमेंट प्रोसेस को कैशलेस बनाने का इंतज़ाम किया गया है। बताया जाता है कि हॉस्पिटल से ज़रूरी जानकारी मिलने के लगभग एक घंटे के अंदर कैशलेस इलाज का अप्रूवल मिल जाता है। डिस्चार्ज का अप्रूवल लगभग तीन घंटे के अंदर मिल जाता है।

