चंदौली: गाजीपुर-सैयदराजा NH 24 पर पटरी निर्माण में घोटाला, पूर्व विधायक का धरना

चंदौली: गाजीपुर-सैयदराजा NH 24 पर पटरी निर्माण में घोटाला, पूर्व विधायक का धरना

गाजीपुर-सैयदराजा NH 24 पर पटरी न बनने से सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह धरने पर बैठे। PWD व ठेकेदार पर घोटाले का आरोप, प्राइवेट कर्मी को बैरंग लौटाया।

चंदौली के कंजहरा में NH 24 पर सड़क पटरी न बनने के विरोध में समर्थकों संग धरने पर बैठे सपा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह

👉कंजहरा गांव में सपा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

👉गाजीपुर-सैयदराजा NH 24 निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप: सड़क बनी मगर पटरी गायब

👉पीडब्ल्यूडी के निजी कर्मचारी को बैरंग लौटाया: 'अधिकारी खुद आकर लें ज्ञापन'

👉नियमों की अनदेखी से बढ़ रहे सड़क हादसे: 7 मीटर सड़क पर पटरी न होने से जा रहीं जानें

चंदौली चीफ ब्यूरो दिवाकर राय (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): जनपद चंदौली में गाजीपुर से सैयदराजा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 24) के सुदृढ़ीकरण और निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी व भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। 

सड़क की दोनों तरफ पटरी (शोल्डर) न बनाए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने सोमवार को क्षेत्र के कंजहरा गांव में समर्थकों संग एक दिवसीय धरना दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत कर सरकारी धन के बंदरबांट का सीधा आरोप लगाया।

7 मीटर चौड़ी सड़क बनी, लेकिन दोनों तरफ की पटरी गायब

धरना स्थल पर जुटे ग्रामीणों और मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनोज सिंह ने कहा कि गाजीपुर-सैयदराजा मार्ग का पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन मानकों के विपरीत सड़क के दोनों तरफ पटरी का निर्माण नहीं कराया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • नियमों के अनुसार 7 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों किनारों पर मजबूत मिट्टी और गिट्टी की पटरी बननी अनिवार्य थी, ताकि वाहन सुरक्षित आवागमन कर सकें।

  • पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट अफसरों और ठेकेदार ने मिलीभगत कर पटरी निर्माण के मद का भारी-भरकम सरकारी बजट हड़प लिया।

  • पटरी न होने और सड़क के किनारे गहरा गड्ढा छूट जाने के कारण आए दिन अनियंत्रित होकर वाहन पलट रहे हैं और दुर्घटनाओं में निर्दोष राहगीरों की जान जा रही है।

प्राइवेट कर्मचारी को बैरंग लौटाया: 'बहकाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं'

धरना प्रदर्शन के दौरान उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब विभाग की ओर से ज्ञापन लेने के लिए एक निजी (संविदा/प्राइवेट) कर्मचारी को भेजा गया।

इस पर पूर्व विधायक मनोज सिंह बिफर पड़े और उन्होंने कर्मचारी को ज्ञापन देने से साफ इनकार करते हुए वापस लौटा दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनता के इस गंभीर मुद्दे पर अधिकारी खुद सामने आने से बच रहे हैं और मामले को दबाने के लिए प्राइवेट कर्मी को भेजकर आंदोलन को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

'अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे तो आंदोलन होगा और तेज'

पूर्व विधायक ने दो-टूक चेतावनी दी कि जब तक लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के जिम्मेदार राजपत्रित अधिकारी स्वयं धरना स्थल पर आकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण नहीं करेंगे और लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जनहित की इस सड़क पर अविलंब मानक के अनुसार पटरी का निर्माण नहीं कराया गया और घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर चक्का जाम और जिला मुख्यालय का घेराव करेगी। चंदौली की और बड़ी खबरें आगे पढ़ें..

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