IDBI बैंक के रणनीतिक विनिवेश को कैबिनेट की अंतिम मंजूरी। 62 साल पुराना सरकारी बैंक अब बनेगा प्राइवेट, एयर इंडिया के बाद सरकार का दूसरा सबसे बड़ा विनिवेश।
👉केंद्रीय कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रिस्ट्रक्चरिंग को हरी झंडी
👉एयर इंडिया के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश: नए खरीदार पर लगी मुहर
👉62 साल पुराने बैंक का सफर: विकास वित्त संस्थान (DFI) से प्राइवेट लेंडर बनने तक
👉कर्मचारियों, खाताधारकों और शेयरधारकों पर क्या पड़ेगा सीधा असर?
IDBI Bank Privatisation: बुधवार को, यूनियन कैबिनेट ने बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बेचने को मंज़ूरी दे दी। सरकार ने यह हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेची। यह डील ₹52,878 करोड़ में हुई। हालांकि, सरकार ने शर्त रखी कि बैंक का नाम तीन साल तक नहीं बदला जाएगा। इसका मतलब है कि फेयरफैक्स अभी IDBI बैंक का नाम नहीं बदल पाएगा।
IDBI बैंक का नया मालिक कौन होगा?
सरकार और LIC बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचेंगे, जिसे कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स ने खरीदा था। इस डील के बाद, सरकार और LIC की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ़ 34% रह जाएगी। इसमें से केंद्र सरकार के पास 15%, इंश्योरेंस कंपनी LIC के पास 19% और दूसरी पार्टियों के पास 5.28% हिस्सेदारी होगी। फेयरफैक्स के पास ज़्यादातर हिस्सेदारी, 60.72% है, और वह बैंक का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर रहा है।
IDBI बैंक में किसके कितने शेयर हैं?
- फेयरफैक्स के पास 60.72% शेयर हैं।
- सरकार की ओनरशिप 49.24% से घटकर सिर्फ़ 19% रह जाएगी।
- LIC की ओनरशिप 45.48% से घटकर सिर्फ़ 15% रह जाएगी।
कनाडाई कंपनी ने यह डील कैसे पक्की की?
बैंक बेचने का प्रोसेस चल रहा है। सरकार 7 अक्टूबर, 2022 से इसकी ओनरशिप कम करने पर काम कर रही है। शुरुआत में, पाँच बड़ी कंपनियों ने बैंक खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। डॉक्यूमेंट्स देखने के बाद, सिर्फ़ चार कंपनियाँ ही रेस में बचीं। कनाडाई कंपनी फेयरफैक्स ने अपने शेयरों की कीमत सरकार के टारगेट प्राइस से ज़्यादा रखकर इस डील को लीड किया।
इस बैंक शेयर सेल का अकाउंट होल्डर्स पर क्या असर पड़ेगा?
बैंक के शेयर सेल और सरकारी बैंक से प्राइवेट बैंक में इसके बदलाव के बाद, बैंक में अकाउंट रखने वाले लोग सोच रहे हैं: उन लोगों का क्या होगा जिन्होंने बैंक से लोन लिया है? यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस डील का बैंक अकाउंट होल्डर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आपका पैसा और टर्म डिपॉज़िट पूरी तरह से सुरक्षित हैं। होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसका मतलब है कि इस डील से आपके ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस खबर के बाद, IDBI बैंक के शेयर आसमान छू गए, जो ₹82 से बढ़कर ₹90 से ज़्यादा हो गए। Bank News आगे और पढ़ें पूरी खबर ..

