- कमालपुर के शिवम हॉस्पिटल में आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ
- विधायक सुशील सिंह ने फीता काटकर किया उद्घाटन: 'प्राचीन विधा से मिलेगा स्थानीय स्तर पर उपचार'
- पंचकर्म और प्राकृतिक पद्धतियों से होगा इलाज: डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताए हृदय रोग प्रबंधन के सूत्र
- कोलेस्ट्रॉल, बीपी और अनियमित धड़कन में जीवनशैली व खानपान में सुधार पर जोर
- ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व चिकित्सक रहे मौजूद
चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, चंदौली (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट) : जनपद चंदौली के ग्रामीण अंचलों में सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विकास खंड धानापुर क्षेत्र के जमुरखा स्थित शिवम हॉस्पिटल कमालपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल का भव्य शुभारंभ किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान धन्वंतरि के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करने के उपरांत फीता काटकर अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सनातन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व तथा आधुनिक दौर में बढ़ते हृदय रोगों (Heart Diseases) के रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
'प्राचीन विधा को बढ़ावा देना समय की मांग': विधायक सुशील सिंह
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक सुशील सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की आधुनिक आयुर्वेदिक इकाई स्थापित करने के प्रयास को सराहा:
स्थानीय स्तर पर उपचार: उन्होंने कहा कि कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक अस्पताल का खुलना एक अत्यंत प्रशंसनीय कदम है। इससे क्षेत्रीय जनता को सामान्य एवं जटिल व्याधियों के उपचार के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
प्राकृतिक उपचार पद्धति: विधायक ने जोर देकर कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा विरासत है, जिसमें प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और समग्र उपचार विधियों के माध्यम से रोगों को जड़ से समाप्त करने की क्षमता है।
पंचकर्म और प्राकृतिक पद्धति से होगा इलाज: डॉ. जितेंद्र सिंह
अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की रूपरेखा साझा की:
पंचकर्म थेरेपी: अस्पताल में विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने और वात-पित्त-कफ के संतुलन के लिए वैज्ञानिक पंचकर्म चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
हृदय स्वास्थ्य पर फोकस: डॉ. सिंह ने बदलते खानपान और तनाव के कारण बढ़ रही हृदय संबंधी बीमारियों पर प्रकाश डालते हुए उच्च रक्तचाप (High BP), हृदय की कमजोरी, सीने में भारीपन, धड़कन का अनियंत्रित होना और बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को लेकर सजग रहने की सलाह दी।
जीवनशैली में सुधार: उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय दिनचर्या, आहार-विहार और प्राकृतिक संतुलन के जरिए हृदय को दीर्घायु और स्वस्थ रखने का मार्ग प्रशस्त करता है।
जनप्रतिनिधियों और चिकित्सकों की रही गरिमामयी मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्लॉक प्रमुख धानापुर अजय सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुशील सिंह जनौली, भाजपा नेता अम्बरीष सिंह भोला, शैलेश श्रीवास्तव, डॉ. वरुण पाठक, प्रभाकर सिंह, दीपक पांडेय, डॉ. रामलखन, डॉ. वीके चौरसिया, डॉ. रमाशंकर गुप्ता, अहमद अली, दिलशेर अहमद सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. कमालपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल का शुभारंभ कहाँ हुआ है?
चंदौली के विकास खंड धानापुर अंतर्गत जमुरखा स्थित शिवम हॉस्पिटल कमालपुर में आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ हुआ है।
Q2. इस अस्पताल का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया?
अस्पताल का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह द्वारा भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना और फीता काटकर किया गया।
Q3. अस्पताल में किन-किन पद्धतियों से मरीजों का इलाज किया जाएगा?
अस्पताल में मुख्य रूप से पंचकर्म थेरेपी, प्राकृतिक जड़ी-बूटी उपचार, जीवनशैली प्रबंधन और आहार परामर्श के जरिए असाध्य व जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का उपचार किया जाएगा।
Q4. चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह ने हृदय रोगियों को क्या मुख्य सलाह दी?
उन्होंने बीपी, कोलेस्ट्रॉल और अनियमित धड़कन के शुरुआती लक्षणों पर सतर्क रहने, समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने और आयुर्वेद आधारित दिनचर्या व खानपान अपनाने की सलाह दी।

