चन्दौली: माइनरों में पानी नहीं , कैसे डालें किसान धान की नर्सरी

चन्दौली: माइनरों में पानी नहीं , कैसे डालें किसान धान की नर्सरी

  चन्दौली: धान की खेती के लिए किसान अभी से खेतों में नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए हैं. अभी धीरे-धीरे मानसून भी दस्तक देने लगा है. जबकि विभागीय उदासीनता के कारण अभी तक बहुत से माइनरों में खुदाई तक नहीं हुई और ना ही पानी छोड़ा गया. अब सवाल यह है कि किसान कैसे खेतों में धान की नर्सरी डालें.                                यही नहीं समितियों पर उन्नत बीज भी नहीं मिल पा रहा है.

यह जनपद कृषि प्रधान धान के कटोरा के रूप में जाना जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि किसान भले ही जी तोड़ मेहनत कर पैदावार बढ़ाने का प्रयास कर रहे हो फिर भी अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के कारण अभी तक माइनरों की हालत खराब पड़ी है.                                                                                                            माइनरों में नर्सरी डालने के पानी तक नहीं खोला गया. जबकि समितियों पर उन्नत किस्म की बीज भी नहीं मिल पा रही है. यहां के किसान केदार यादव ने बताया कि देश को सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था देने वाला किसान बदहाली का जिंदगी जीने को विवश हैं. किसानों के लिए विभाग संसाधन तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जो सबसे बड़ी विडंबना है.                              प्रगतिशील किसान सूबेदार सिंह ने बताया कि माइनरों की हालत इतनी खस्ता है कि पानी छोड़ने पर भी किसानों के खेतों तक पहुंच पाना मुश्किल है.                                   जबकि किसान राजेंद्र पाल ने बताया कि समितियों पर किसानों के लिए उन्नतशील बीज नहीं मिल पा रहा है ताकि किसान अपनी पैदावार बढ़ा सकें. यहां के नामवर यादव ने बताया कि किसान धान की नर्सरी डालने के लिए तैयारी कर चुका है.                      बावजूद इसके ना तो समितियों पर बीज मिल रहा है. ना ही खेतों में पानी, जो हमारे जनपद के किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है.