तीन जनवरी को Harvansh Patel अपने जीवन के 60 वर्ष पूर्ण किया है। यह केवल आयु का पड़ाव नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुभव और समाज के प्रति समर्पण से भरी एक लंबी यात्रा का प्रतीक है।
चंदौली : तीन जनवरी को हरवंश पटेल अपने जीवन के 60 वर्ष पूर्ण किया है। यह केवल आयु का पड़ाव नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुभव और समाज के प्रति समर्पण से भरी एक लंबी यात्रा का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के Chandauli जनपद के बरठी गांव में जन्मे हरवंश पटेल का जीवन प्रारंभ से ही चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन परिस्थितियों के सामने झुकने के बजाय उन्होंने उन्हें अपनी ताकत बनाया।
सकलडीहा में वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन (पीआरजे पार्टी) के राष्ट्रीय संयोजक व राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हरवंश पटेल के 60वें जन्मदिन पर शुक्रवार को सकलडीहा में पत्रकार साथियों द्वारा सादे समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। पत्रकारों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, पत्रकारिता और पूर्वांचल के मुद्दों को उठाने में भूमिका की सराहना की। पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण हरवंश पटेल समारोह में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम में उनके दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की गई। इस मौके पर ज्ञानेंद्र सिंह, संजय दिनकर, पुष्कर रस्तोगी, अलीम हाशमी, सत्यनारायण प्रसाद, कृष्ण कुमार गुप्ता अपर बाल (अध्यापक), प्रशांत (अध्यापक), रजनीकांत पांडे, दुर्गेश सिंह, अवधेश यादव, चंदशेखर राय, अजय सिंह राजपूत,अनिल सेठ, सोनू पटेल आदि वरिष्ठ पत्रकार साथी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के क्षेत्र में पूरी करने के बाद उन्होंने काशी विद्यापीठ, वाराणसी से इकोनॉमिक्स (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। आगे चलकर अधिवक्ता बनने का सपना लेकर हरीश चंद्र कॉलेज, वाराणसी से एलएलबी की पढ़ाई शुरू की, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण एक वर्ष बाद ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। यह उनके जीवन का कठिन मोड़ था, पर यहीं से उनके संघर्ष की असली दिशा तय हुई।
खेती-बाड़ी के साथ-साथ उन्होंने पत्रकारिता को अपना माध्यम बनाया। वाराणसी से प्रकाशित सांध्य दैनिक भारत दूत से पत्रकारिता की शुरुआत की और धीरे-धीरे दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, अमर उजाला, निष्पक्ष प्रतिदिन जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने समाज की आवाज़, जनसमस्याओं और पूर्वांचल की पीड़ा को लगातार उठाया।
इसी क्रम में उनका जुड़ाव पृथक पूर्वांचल राज्य आंदोलन से हुआ। उन्होंने साथियों के साथ मिलकर पांच जिलों की पूर्वांचल जागरण यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय असमानताओं, विकास की उपेक्षा और पूर्वांचल के हक़ की लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाना था। यह आंदोलन उनके लिए केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय सम्मान का प्रश्न है।
वर्तमान में हरवंश पटेल पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन (पीआरजे पार्टी) के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के रूप में सक्रिय हैं। समाजसेवा, पत्रकारिता और ब्लॉगिंग के माध्यम से वे लगातार पूर्वांचल के विकास, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करते हैं। उनके ब्लॉग और लेख आमजन के सवालों को मंच देते हैं और सत्ता से जवाबदेही की मांग करते हैं।
हरवंश पटेल का जीवन यह संदेश देता है कि संसाधनों की कमी भी संकल्प को नहीं रोक सकती। संघर्ष से गुजरते हुए भी समाज के लिए काम करते रहना ही असली सफलता है। उनका 60वां जन्मदिन उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने क्षेत्र, समाज और विचारों के प्रति ईमानदार रहकर बदलाव की कोशिश करते हैं।


