जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित विकायल भारती, प्राचार्य के निर्देशन में कला, क्राफ्ट एवं संस्कृति महोत्सव का समापन हो गया।
Purvanchal News Print / चंदौली : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के न्यू ऑडिटोरियम हाल में विकायल भारती, प्राचार्य के निर्देशन में कला, क्राफ्ट एवं संस्कृति महोत्सव का समापन हो गया।
दो दिवसीय इस महोत्सव में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक/ शिक्षिकाओं, एकाडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा प्रतिभाग किया गया।
इस अवसर पर डायट प्राचार्य ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा प्रकृति के कण- कण में कला संस्कृति प्रतिबिंबित होती है। उन्होंने कहा चन्दौली के विकास हेतु संसाधनों का बेहतर उपयोग के साथ ही कुशल मानव संसाधन का सृजन करना होगा जिसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका सदैव रहेगी ।
उन्होंने कहा कला, क्राफ्ट के माध्यम से शिक्षकों में सर्जनात्मकता, नवाचार, अंतर्विषयक समझ का विकास होता है कला के माध्यम से शिक्षण सामग्री को रुचिकर एवं ग्राह्य बनाकर प्रस्तुत किया जा सकता है बच्चों में विभिन्न प्रकार की डिजाइन, आकृति एवं रंग संयोजन का प्रभाव दीर्घगामी होता है।
महोत्सव समन्वयक डॉ० जितेन्द्र सिंह ने चन्दौली जिले के भौगोलिक परिवेश में विकसित कला संस्कृति, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर, हस्तशिल्प, परम्परागत मूर्तिकला के साथ ही भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही कला संस्कृति विषयक पहल, कला के क्षेत्र में संचालित योजनाओं के साथ ही भारत महोत्सव, एक भारत श्रेष्ठ भारत, वोकल फॉर लोकल, भारत तमिल संगमम के कलात्मक पक्ष के बारे में बताया गया।
डा सिंह ने काशी के चतुर्दिक चौरासी कोसीय परिक्रमा पथ के धार्मिक- आध्यात्मिक स्थलों के पुनर्विकास हेतु शोध की आवश्यकता पर बल दिया।
महोत्सव की नोडल डॉ० मंजु कुमारी ने बताया परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा स्टाल के माध्यम से कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री आधारित सामग्री का निर्माण कर बेहतर प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें मुख्यतया ज्यामितीय आकृतियां, पैच वर्क, ब्लू पैट्री, वर्ली पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग, क्रोशिया वर्क,यूपिन वर्क, जरदोजी शिल्प, स्टोन पेंटिंग, दस्तकारी, पेंटिंग , रंगोली, क्राफ्ट, पपेट्री सहित विभिन्न वर्क का प्रदर्शन किया गया।
विभिन्न स्टॉल का भ्रमण कर डायट स्तर पर गठित आन्तरिक निर्णायक मंडल ने नोडल डा० मंजु कुमारी की देखरेख में सभी प्रतिभागियों का प्रस्तुतीकरण के पश्चात् मूल्यांकन कर परिणाम की अनुशंसा की जिसके अनुसार प्राथमिक श्रेणी में प्रथम स्थान - ममता कुमारी, प्रा० वि० जलालपुर, सकलडीहा द्वितीय स्थान- स्वाति सिंह, पीएम श्री जफरपुर, नियामताबाद तृतीय स्थान - सरोज पांडेय, क० वि० पर्सहटा, धानापुर सांत्वना पुरस्कार - डॉ अर्चना सिंह, प्रा वि विशुनपुरा एवं पूनम कुमारी, प्रा० वि० शिवपुर, सकलडीहा को प्राप्त हुआ।
उच्च प्राथमिक स्तर श्रेणी में प्रथम -दीपिका कुमारी, स० अ०, कंपोजिट विद्यालय सुंडेहरा, बरहनी द्वितीय स्थान- सुदामा राम, स० अ०, कं० वि० मजगावां, नौगढ़ तृतीय स्थान- चंद्रप्रभा आर्या, स० अ०, खण्डेहरा, चहनिया एवं ए आर पी श्रेणी में प्रथम स्थान- अनुराधा कुमारी, एआरपी, नियमताबाद द्वितीय स्थान- राम कुंवर सिंह यादव, एआरपी ,चहनिया एवं तृतीय स्थान- पंकज पांडे, एआरपी धानापुर जबकि विकासखंड श्रेणी में प्रथम स्थान- नियामताबाद, दि्वितीय- सकलडीहा, तृतीय- बरहनी विकासखंड को प्राप्त हुआ। प्राचार्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को शील्ड व प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
अंत में प्रभारी डॉ० मंजु गुप्ता द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस दौरान डायट प्रवक्ता केदार सिंह यादव, बिजेन्द्र भारती, डॉ बैजनाथ पांडेय, प्रवीण कुमार राय, एस आर जी अनिता कुमारी व इन्दु श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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