दिल्ली हाई कोर्ट ने NGT में एप्लीकेशन फाइल करने की बहुत ज़्यादा फीस को चैलेंज करने वाली पिटीशन पर केंद्र सरकार और नेशनल एनवायरनमेंट ट्रिब्यूनल (NGT) से जवाब मांगा है।
खास बातें :-
दिल्ली हाई कोर्ट ने एनजीटी फीस पर जवाब मांगा।
याचिकाकर्ता अजय दुबे ने नियमों को चुनौती दी।
अतिरिक्त प्रिंटिंग चार्ज भी चुनौती के दायरे में।
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल एनवायरनमेंट ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने एप्लीकेशन, अपील और दूसरी पिटीशन फाइल करने की बहुत ज़्यादा फीस को चैलेंज करने वाली पिटीशन पर केंद्र सरकार और नेशनल एनवायरनमेंट ट्रिब्यूनल (NGT) से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट्स और क्लाइमेट चेंज और NGT को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया है।
पिटीशनर अजय दुबे ने NGT (प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर) रूल्स, 2011 के अलग-अलग प्रोविज़न के साथ-साथ एक ऑफिस ऑर्डर को भी चैलेंज किया है। इसी बेसिस पर एडिशनल प्रिंटिंग चार्ज लगाए गए हैं।
पिटीशन के मुताबिक, सेक्शन 12(2) के तहत NGT में एप्लीकेशन या अपील फाइल करने के लिए Rs 1,000 की फीस तय है, जबकि सेक्शन 12(2A) के तहत हर मिसलेनियस एप्लीकेशन के लिए, चाहे वह किसी भी तरह की हो, कम से कम Rs 500 की फीस देनी होगी।

