14 जुलाई 2026 का वाराणसी (काशी) पंचांग पढ़ें। जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, चौघड़िया, दिशा शूल, अभिजीत मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
वाराणसी का आज का पंचांग (14 जुलाई 2026, मंगलवार)
🕉️ पंचांग
- स्थान: वाराणसी (काशी), उत्तर प्रदेश
- वार: मंगलवार
- मास: आषाढ़
- पक्ष: कृष्ण पक्ष (दोपहर 3:12 बजे तक), इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- तिथि: अमावस्या दोपहर 03:12 बजे तक, तत्पश्चात शुक्ल प्रतिपदा।
- नक्षत्र: पुनर्वसु रात्रि 12:09 बजे (15 जुलाई) तक, इसके बाद पुष्य।
- योग: व्याघात योग प्रातः 11:57 बजे तक, इसके बाद हर्षण योग।
- करण: नाग करण दोपहर 03:12 बजे तक, इसके बाद हर्षण एवं किंस्तुघ्न।
🌅 सूर्योदय एवं सूर्यास्त (वाराणसी)
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 05:17 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 06:50 बजे (स्थानानुसार 1–2 मिनट का अंतर संभव)।
⏰ राहुकाल
-
दोपहर 03:30 बजे से 05:00 बजे तक
इस अवधि में नए एवं मांगलिक कार्य प्रारंभ करने से परहेज़ करना शुभ माना जाता है।
🕰️ आज का चौघड़िया (वाराणसी)
दिन का चौघड़िया (सूर्योदय से)
- अमृत – 05:17 से 06:59
- काल – 06:59 से 08:41
- शुभ – 08:41 से 10:23
- रोग – 10:23 से 12:05
- उद्वेग – 12:05 से 01:47
- चर – 01:47 से 03:29
- लाभ – 03:29 से 05:11
- अमृत – 05:11 से सूर्यास्त
(समय स्थानीय सूर्योदय के आधार पर अनुमानित है।)
✅ अभिजीत मुहूर्त
प्रातः 11:38 बजे से 12:32 बजे तक।
🧭 दिशा शूल
- आज का दिशा शूल: उत्तर दिशा।
- यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो परंपरा अनुसार गुड़ अथवा धनिया का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।
🌺 आज का धार्मिक महत्व
आज आषाढ़ अमावस्या का विशेष महत्व है। पितृ तर्पण, गंगा स्नान, दान-पुण्य, भगवान शिव एवं श्रीविष्णु की पूजा तथा जप-तप के लिए दिन अत्यंत शुभ माना गया है। दोपहर बाद शुक्ल पक्ष प्रारंभ होने से नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय माना जाता है
निष्कर्ष :
14 जुलाई 2026 को वाराणसी में आषाढ़ अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। राहुकाल का ध्यान रखते हुए अभिजीत मुहूर्त या शुभ चौघड़िया में मांगलिक कार्य करना लाभकारी माना जाता है। गंगा स्नान, पितृ तर्पण, दान-पुण्य और शिव आराधना के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है।

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