त्योहारों से ठीक पहले आरबीआई का झटका! रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी, होम लोन और कार लोन की EMI बढ़ेगी। जानिए आम आदमी की जेब पर कितना असर।
फेस्टिव सीजन से ठीक पहले रिजर्व बैंक का फैसला: रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा
होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन होंगे महंगे: जानिए कितनी बढ़ जाएगी आपकी मासिक EMI
महंगाई पर लगाम लगाने के लिए मौद्रिक नीति समिति (MPC) का सख्त कदम
नई दिल्ली: देश में त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है। उससे पहले ही आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। सेंट्रल बैंक, यानी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट 0.25% (0.25 bps) बढ़ाने का फैसला किया है।
इस बढ़ोतरी से उधार लेने की लागत और महीने की किस्तों (EMI) का पेमेंट बढ़ सकता है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज सुबह 10 बजे RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की मीटिंग के बाद यह ज़रूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि RBI ने रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है।
आइए देखते हैं कि इसका आपके लोन और महीने की किस्तों पर क्या असर पड़ेगा। हम यह भी देखेंगे कि कई लाख रुपये के लोन के लिए महीने की किस्तें कैसे बढ़ेंगी।
आपके महीने के होम लोन की किस्त कितनी बढ़ेगी?
RBI ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। यह उधार लेने वालों और पेमेंट करने वालों दोनों के लिए हैरानी की बात है। मान लीजिए आप 50 लाख रुपये का लोन (होम/कार लोन, वगैरह) लेते हैं और 25 साल तक 7.50% की ब्याज दर पर हर महीने की किश्तें (EMI) देते हैं। आपकी अभी की EMI लगभग 36,950 रुपये है।
अब, क्योंकि बेंचमार्क ब्याज दर (रेपो रेट) 0.25% बढ़ गई है, इसलिए यह लोन और महंगा हो जाएगा। अगर बैंक इस बेंचमार्क दर में बढ़ोतरी का पूरा बोझ कस्टमर पर डालता है, तो इस लोन पर ब्याज दर 7.50% से बढ़कर 7.75% हो जाएगी।
ऐसे में, आपकी EMI बढ़कर 37,766 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि आपको हर महीने लगभग 817 रुपये ज़्यादा देने होंगे। 25 साल की EMI अवधि में, आपको अपनी जेब से 2.45 लाख रुपये ज़्यादा देने होंगे।
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| RBI मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक. सोर्स: Danish Siddiqui / REUTERS |
आम आदमी की जेब पर असर: ₹30 लाख के होम लोन पर गणित
जब भी आरबीआई रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट्स) की वृद्धि करता है, तो बैंक इसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट लोन (एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट) पर डालते हैं:
| लोन राशि | लोन अवधि | पुरानी ब्याज दर (8.50%) | नई ब्याज दर (8.75%) | मासिक EMI में अंतर |
| ₹30 लाख | 20 वर्ष | ₹26,035 प्रति माह | ₹26,511 प्रति माह | +₹476 प्रति माह |
| ₹50 लाख | 20 वर्ष | ₹43,391 प्रति माह | ₹44,186 प्रति माह | +₹795 प्रति माह |
नोट: रेपो रेट बढ़ने से जहां एक तरफ कर्जदारों की ईएमआई बढ़ेगी, वहीं दूसरी तरफ बैंक जल्द ही अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे बचतकर्ताओं को फायदा होगा।
₹50 लाख के होम लोन पर EMI और कुल भुगतान का तुलनात्मक चार्ट
| रेपो रेट स्थिति | लोन अमाउंट | लोन रीपेमेंट टर्म | इंटरेस्ट रेट | मासिक इंस्टॉलमेंट (EMI) | टोटल इंटरेस्ट | टोटल पेमेंट (प्रिंसिपल + इंटरेस्ट) |
| पिछला (रेपो रेट 5.25%) | ₹50,00,000 | 25 साल | 7.50% | ₹36,950 | ₹60,84,868 | ₹1,10,84,868 |
| अभी का (रेपो रेट 5.50%) | ₹50,00,000 | 25 साल | 7.75% | ₹37,766 | ₹63,29,931 | ₹1,13,29,931 |
| अंतर (बढ़ोतरी) | — | — | +0.25% | +₹816 / माह | +₹2,45,063 | +₹2,45,063 |
Q1 -रेपो रेट क्या है?
रेपो रेट वह इंटरेस्ट रेट है जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) देश के कमर्शियल बैंकों से लेता है।
Q2 - अगर रेपो रेट बढ़ता है तो क्या होगा?
अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए RBI से लोन लेना महंगा हो जाएगा। इससे कस्टमर्स के लिए लोन लेना और महीने की किश्तें (EMI) देना और मुश्किल हो सकता है।
Q3- जब रेपो रेट कम होता है तो क्या होता है?
जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों को RBI से कम इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलता है। इससे बैंकों से महीने की किश्तें (EMI) और होम लोन कम हो जाते हैं।
Q4 -रिवर्स रेपो रेट क्या है?
रिवर्स रेपो रेट वह रेट है जिस पर RBI कमर्शियल बैंकों से शॉर्ट-टर्म लोन लेता है। दूसरे शब्दों में, यह वह रेट है जिस पर बैंक अपना सरप्लस फंड RBI के पास जमा करते हैं।
Q5 -रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर कौन हैं?
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा हैं।


